Quraan vs vedas in the ligth of science :-
कुरान और वेद का वैज्ञानिक तुलनात्मक अधय्यन :=
1. कुरान कहता है कि धरती गोल है जबकि वेद कहता है कि धरती चोकोर है ईंट की तरह । ऋग्वेद ( 7/83/3) ऋग्वेद/8/25/18)(ऋग्वेद 1/62/8) शतपथ ब्राह्मण 6/1/2/29)
2. कुरान कहता है कि धरती चाँद , सूर्य और सब एक एक दायरें में घूम रहें हैं । (कुरान सूरा यासीन :40)
परंतु वेद कहता है कि धरती सिथर है और ( ऋग्वेद २/१२/१२)
और सूर्य पृथ्वी के चारों और चक्कर लगाता है ।( ऋग्वेद १/५०/१)
इतना ही नहीं वेदो में पृथ्वी गतिहीन है :-
वेदों मे पृथ्वी के लिए "निऋति" शब्द का प्रयोग हुआ है । वेदों के कोश निघंटु (1/1) मे "निऋति " शब्द पृथ्वी के पर्यायवाची मे लिखा है ।
इस का अर्थ है निर+ऋति ( ऋ गतौ )अर्थात गतिहीन । इसलिये आज तक संस्कृत और हिन्दी के शब्दकोशों मे पृथ्वी का नाम:-
"अचला "
अर्थात :- गतिहीन है ।
3. कुरान कहता हि सूर्य एक नियम के अनुसार इस ब्रहमाण्ड यात्रा कर रहा है । (कुरान 36:38)
जबकि वेद कहता है कि सूर्य रथ पर सवार होकर पृथ्वी के चक्कर काटता है ।( यजुर्वेद ३३/४३)
4. कुरान कहता है कि पृथ्वी बगैर किसी सहारे के आसमान में तैर रही है । (कुरान यासीन 40)
जबकि हिंदू ग्रंथ कहती है कि पृथ्वी कहती है कि पृथ्वी शेषनाग के फन पर टिकी है ।
5. इस्लाम हदीस कहती है कि पृथ्वी पर जब भूकम्प आता जमीन की पिलेट हिलने की वजह से होता है । (मुसनद अहमद 14/543)
जबकि हिंदू धर्म के अनुसार शेषनाग के करवटें लेने से भूकम्प आता है [ महाभारत आदि पर्व के आस्तिक उपपर्व के 36 वें अध्याय का श्लोक ]
6. कुरान कहता है कि चाँद की अपनी रोशनी नहीं है बल्कि सूर्य से ली गई है ।(कुरान 25 :61)
जबिक हिंदू धर्म के अनुसार चाँद की अपनी खुद की रोशनी हैं । भागवत गीता (10/21)
7. कुरान कहता है कि पेड पोधों में जान होती है (कुरान 20:53) 36:36
जबकि दयानंद सरस्वती सत्यार्थ प्रकाश के अनुसार पेड पोधों में जान नहीं होती । (सत्यार्थ प्रकाश दशममुल्लास पृष्ट 313 )
8 . वेद कहता है कि जब सूर्य ॻहण लगता है तो सूर्य को राहु नामक राक्षस निगलता है ।(ॠ.5/40/9)
जबिक इस्लाम कहता है कि सूर्य ग्रहण और चंद्रमा ग्रहण ईश्वर की निशानी है ।( हदीस बुखारी , मुस्लिम )
9. कुरान कहता है कि मनुष्य जीवन केवल पृथ्वी पर ही संभव है ।कुरान (27/61)
जबकि दयानंद सरस्वती के सत्यार्थ प्रकाश अनुसार सूर्य पर 6000 डिग्री सेल्सियस तापमान भी मनुष्य जीवन है ।( सत्यार्थप्रकाश )
वेदों में कुछ अवैज्ञानिक( unscientific) बाते:=
1. वेदों के अनुसार सूर्य पानी पीता है ।
2. वेदों के अनुसार नदियाँ घी और दूध देती हैं ( ऋग्वेद 7/95/2)
3. वेदों के अनुसार गंगा , यमुना , सरस्वती मनुष्य की प्राथर्ना सुनती हैं ( ऋग्वेद 10/75/5)
4. हिंदू धर्म के अनुसार पृथ्वी पर सात तरह के समुद्र पाए जातें हैं जैसे मीठे जल का समुद्र , दूध का समुद्र , घी का समुद्र , गन्ने के रस का समुद्र , शहद का समुद्र आदि । (भागवत पुराण (5/1/32)
जबकि कुरान के अनुसार दो तरह के समुद्र हैं एक मीठे जल का समुद्र और खारे जल का समुद्र । (सूरा रहमान )
5. हिंदू धर्म के अनुसार चाँद सूर्य से बडा हैं । (भागवत पुराण अध्याय 5/24/2)
6. वेद के अनुसार सूर्य को सात घोडे खींचते हैं ।(ऋग्वेद 1/150/9)
7. ऋग्वेद (8/41/10 ) जमीन पिल्लरो टिकी है के सहारे खडी है और आसमान पिल्लर के सहारे
9 सनातन धर्म के अनुसार चाँद सूर्य से दूर है ।( छांगोगय उपनिषद् 4/15/5,5,/10/2)
10 सनातन धर्म के अनुसार सूर्य गोल नहीँ बल्कि चौकोर है ।(ऐतरेय ब्राह्मण 14/3/1/17)
11 सूर्य रात को उल्टा हो जाता है ।( ऐतरेय ब्राह्मण 3/44)
12 सूर्य की 32 दिन की स्वर्ग की यात्रा । पृथ्वी और आकाश आपस मे मिलते है । (बृह उपनिषद् 3/3)
13 पर्वतों के पंख होते हैं जो कटते भी हैं ( अथर्ववेद 20/34/2 आचार्य श्री राम शर्मा )
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हिंदू धर्म और इस्लाम धर्म में नैतिकता का तुलनात्मक अधय्यन := भाग -1
1. कुरान कहता है कि जुआ खेलना पाप है ।
जबकि वेदों मे जुआ में जीतने का मन्त्र सिखाया गया है (अथर्ववेद 7/109/4)
जैसे पांडव जुआ खेलते थे ।
2. कुरान कहता है कि जो लडकियों को माँ के पेट में मारता है उसको जहन्नुम में भयानक अजाब दिया जायगा ।
जबकि वेद कहता है है कि कन्या भूरण हत्या यानि वेद मन्त्र पढो घर में पुत्री जन्म नहीं लेगी ( अथर्ववेद 6/11/3)
अथर्ववेद 8/6/25 मे लिखा है कि पुत्र की रक्षा करो उसे औरत मत बनावओ ।
3. कुरान कहता है कि जादू टोना ये शैतानी (राक्षसी ) काम है एेसे आदमी का ठिकाना जहन्नुम की भयानक आग है ।
जबकि वेद कहतें हैं कि जादू टोना किसी की हत्या करना सही है (अथर्ववेद 19/29/8)
(अथर्ववेद ( 1/ 27/1)
जादू से निर्दोष मेंढक ,तोता , मैनाओं , पक्षियों को मारने का हुक्म अथर्ववेद वेद मे ( 7/116/1)
अथर्ववेद( 1/22/4)
4. कुरान में बगैर शादी शुदा या शादी से पहले हर सम्बध का गलत माना है ।
पर्ंतु वेदों में लडकियों को अपनें वश में करने का मन्त्र आवारा मनचलो लडकों को सिखाया है ।
अथर्ववेद( 2/30/1)
5. इस्लाम कहता है कि छींक आना ये प्रकृति के स्वास्थ्य प्रदान के नियम है
जबकि वेद छींक को खाली बरतन दिखाई पडने पर अपशकुन मानता है ।
अथर्ववेद (19/ 8/4)
6. इस्लाम के अनुसार मासिक धर्म होना एक पा्रकृतिक स्वास्थ्य ईश्वर का नियम है ।
जबिक हिंदू धर्म के अनुसार इन्द्र के कुकर्मों और इन्द्र के शाप के कारण औरतों को मासिक धर्म होता है ।
7. इस्लाम के अनुसार जो औरत जाति पर रहम करता है ईश्वर उस पर रहम करता है ।
मुहम्मद सलिल० ने कहा तुम मे सबसे बैहतर वह है जो अपनी पत्नी के साथ अच्छा व्यवहार करता हो ।
लेकिन बृह. उपनिषद्( 6/4/7) में कहा है कि जो औरत शारिरिक समबन्ध ना बनाने दे उसे लात, घूँसों और डंडों से बुरी तरह पीटो और उसे फिर उसे इसके लिए मजबूर करो ।
8. (छांदोग्य उपनिषद् 4/2/5/ शंकराचार्य भाष्य ) मे लिखा है कि अपने काम बनाने या रिश्वत के तौर पर कोई आदमी अपनी पत्नी या कन्या को राजा को भेंट कर सकता है ।
पर्ंतु इस्लाम नें इसे घृणित कार्य माना है और इस्लाम ने एेसे करने वाले को मौत का फरमान सुनाया है ।
9. कुरआन में ईश्वर कहता है कि मर्द और औरत को ज्ञान हासिल करना जरूरी है
लेकिन ऋग्वेद 8/33/17 में लिखा है कि औरतों को शिक्षित नहीं किया जा सकता कयोकि उनकी बुद्धि तुच्छ होता है ।
10. वैदिक साहित्य में निरुक्त को बहुत उंचा स्थान दिया है " निरुक्त "[ 3/4 ]में कहा गया है कि दुहिता ( बेटी ) माता पिता का धन चुसने वाली होती है और आगे निरुक्त 3/3 में "दूरे हिता " अर्थात = उस से दूर रहने में ही भलाई है ।
जबकि कुरआन ने बेटी को रहमत बताया है । बेटी से प्रेम करने वालों को जन्नत की खुशखबरी दी ।
11. ऐतरेय ब्राह्मण (7/3/1) पुत्री कष्टप्रदा , दुखदायनि और " हृदयदारिका पितु:" अर्थात = लडकी पिता के ह्दय को चीरने वाली होती है ।
जबकि कुरआन ने बेटी को ह्दय की ठंडक बताया है बेटी को खुशखबरी और खुशनसीब बताया है ।
12. ऋग्वेद 10/95/15 में लिखा है कि औरत किसी सखी नहीं हो सकती उनके दिल लकडबग्गों की तरह क्रूर होते हैं ।
जबकि कुरआन कहता है मर्द और औरत एक ही फितरत पैदा किया, इस्लाम के मुताबिक औरत के दिल में ज़ियादा करूणा ( दया ) होती है ।
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*Similarities between Islam and Hinduism.*
*Sharab pina hindu dharam me bhi mna hai ( Haram hai)*
📚Rigved
( Path 2: mantra:12)
( path 21 mantra:14)
Manusmarti
📚(path 7: mantra 47-50)
📚(path 9: mantra 225)
Gambling is also prohibited in the Hindu Scriptures.
📚 *Rigveda*
[Book 10 Hymn 34 Verse 3:]
📚 *[Rigved 10:34:13]*
📚 *[Rigved 10:34:13]*
*"Non-veg" khana dono mazhab me allowed hai*
📚Manusmruti:- Chapter 5 Verse 30,31 and 39 - 40
📚Mahabharata: Anushashan Parva Chapter 88.
*Prophet Muhammad ﷺ Sari insaniyat ke liye bheje gye hain ye bat Hindu dharam ki kitabo me bhi maujood hai.*
📚 *[Bhavishya Purana]*
(Parv III, Khand 3, Adhyay 3, Shalokas 5 to 8)
📚 *[Samveda Uttararchika]*
(Part 2 Book 7 chapter 1 section 5 verse 1)
📚 *[Yajurveda]*
(chapter 31 verse 18)
📚 *[Atharva Veda]*
( Hymn-127)
📚 *[Yajurved]* (chapter 20 verse 37)
*Aurat ka prda( Hijab)*
📚Rigved:- Book no:8 Padh no:33, Mantra no:19.